मुंबई से एक बार फिर कोरोना की चिंताजनक खबरें आ रही हैं। KEM अस्पताल में हाल ही में कैंसर और किडनी की बीमारी से ग्रस्त दो मरीजों की कोविड पॉजिटिव रिपोर्ट सामने आई, जिनकी मौत हो गई। इसके अलावा, हांगकांग, सिंगापुर, थाईलैंड और चीन जैसे देशों में कोविड केसों में बढ़ोतरी ने भारत में भी चिंता की लकीरें खींच दी हैं।
मुंबई में 4 महीने का बच्चा कोविड पॉजिटिव मिला
मुंबई में 4 महीने का एक नवजात शिशु कोविड पॉजिटिव पाया गया है, जिसे सांस लेने में तकलीफ होने पर केजे सोमैया अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बच्चा आठ दिन तक वेंटिलेटर पर रहा और अब ऑक्सीजन सपोर्ट पर है। डॉक्टरों के मुताबिक, उसकी हालत गंभीर थी और फेफड़ों में पानी भर गया था। अस्पताल में एक और बच्चा भर्ती है, जिसमें कोविड के लक्षण हैं और उसकी रिपोर्ट का इंतजार है।
सरकार की राय: घबराने की जरूरत नहीं
महाराष्ट्र में इस समय कुल 56 सक्रिय कोरोना केस हैं, जिनमें से अधिकतर मामले मुंबई से हैं। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री प्रकाश आबिटकर ने कहा कि कोविड की मौजूदा स्थिति घबराने जैसी नहीं है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार से किसी भी दिशा-निर्देश का इंतजार है और जब तक कोई SOP जारी नहीं होती, तब तक किसी सख्त कदम की जरूरत नहीं समझी जा रही।
🇮🇳 भारत में कोविड की वर्तमान स्थिति
- देश में इस समय कुल 257 एक्टिव केस हैं।
- पिछले एक हफ्ते में 164 नए केस सामने आए हैं।
- महाराष्ट्र, केरल और तमिलनाडु ऐसे राज्य हैं जहां केस सबसे ज्यादा बढ़े हैं।
- सिर्फ महाराष्ट्र में पिछले सप्ताह 44 नए संक्रमित पाए गए।
विदेशों में भी तेज़ी से बढ़ रहे हैं केस
सिंगापुर:
- 27 अप्रैल से 3 मई 2025 के बीच कोविड केस बढ़कर 14,200 हो गए।
- इससे पहले सप्ताह में ये संख्या 11,100 थी।
- अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों की औसत संख्या भी 102 से बढ़कर 133 हो गई है।
थाईलैंड:
- 11 से 17 मई 2025 के बीच कोविड केस 33,030 तक पहुंच गए।
- सिर्फ बैंकॉक में ही करीब 6,000 नए केस मिले।
- मामलों की बढ़त के पीछे सोंगक्रान त्योहार (13-15 अप्रैल) को जिम्मेदार माना जा रहा है।
हांगकांग:
- 6 से 12 अप्रैल के बीच कोविड संक्रमण दर 6.21% से बढ़कर 13.66% हो गई है।
चीन:
- 31 मार्च से 4 मई के बीच कोविड पॉजिटिव दर 7.5% से बढ़कर 16.2% हो गई।
- अस्पताल में भर्ती होने वालों की दर 3.3% से 6.3% तक बढ़ी है।
कौन है नए संक्रमण के पीछे? — वैरिएंट JN.1 और XEC
भारत समेत कई देशों में कोविड के केसों की वृद्धि के पीछे नया वैरिएंट JN.1 जिम्मेदार माना जा रहा है। थाईलैंड में एक और वैरिएंट XEC से संक्रमण फैल रहा है। विशेषज्ञ मानते हैं कि इन वैरिएंट्स में इम्यून सिस्टम से बचने की क्षमता होती है, हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि ये पहले के ओमिक्रॉन वैरिएंट से अधिक गंभीर हैं या नहीं।
क्यों हो रही है कोरोना की वापसी?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, टीकाकरण या पिछली संक्रमित आबादी में बनी प्रतिरक्षा अब कमजोर पड़ रही है, जिससे वायरस फिर से फैलने लगा है। इसके अलावा:
- बुजुर्ग और पहले से बीमार लोगों में संक्रमण का खतरा ज्यादा है।
- मौसम में बदलाव, भीड़भाड़ और यात्रा की बढ़ती रफ्तार संक्रमण को और तेज कर रही है।
- सिंगापुर में LF.7 और NB.1.8 जैसे नए उप-वैरिएंट्स ने भी चिंताएं बढ़ा दी हैं।
निष्कर्ष
फिलहाल स्थिति उतनी गंभीर नहीं है जैसी पहले लहरों में देखी गई थी, लेकिन सतर्कता जरूरी है। सरकारें निगरानी कर रही हैं और ज़रूरत पड़ी तो गाइडलाइन फिर से लागू की जा सकती हैं। खासकर बुजुर्ग, बच्चे और पहले से बीमार लोग अतिरिक्त सावधानी बरतें।
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