पुष्पा’ स्टाइल में तस्करी का खुलासा: ट्रक की तलाशी में मिला गांजे का जखीरा, दो तस्कर गिरफ्तार

पुष्पा’ स्टाइल में तस्करी का खुलासा


कवर्धा

छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले में पुलिस ने मादक पदार्थों की तस्करी पर एक बड़ी कार्रवाई कर ज़बरदस्त कामयाबी हासिल की है। यह मामला किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं लगता, क्योंकि तस्करों ने 'पुष्पा' फिल्म की तर्ज पर ट्रक के अंदर एक खास गुप्त चैंबर बनवाया था, जिसमें भारी मात्रा में गांजा छिपाकर तस्करी की जा रही थी। पुलिस ने सतर्कता और सूझबूझ से इस ट्रक को पकड़ते हुए करीब 120 किलो गांजा बरामद किया है, जिसे 115 पैकेटों में भरकर उड़ीसा से राजस्थान ले जाया जा रहा था।

फिल्मी स्टाइल में छिपाया गया था गांजा

पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह छवाई के नेतृत्व में की गई इस कार्रवाई में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पुष्पेन्द्र बघेल, पंकज पटेल, और डीएसपी संजय ध्रुव की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। मुखबिर से सूचना मिलने पर थाना चिल्फी पुलिस ने ट्रक (RJ 14 GG 9595) को रोका और बारीकी से जांच की। ट्रक के केबिन और ट्रॉली के बीच इस तरह से गुप्त चैंबर बनाया गया था कि पहली नजर में कोई भी शक नहीं कर सकता था।

दो अंतराज्यीय तस्कर गिरफ्तार

मौके पर दो तस्करों को गिरफ्तार किया गया, जिनकी पहचान अकरम खान (37 वर्ष) और पप्पु सिंह (32 वर्ष) के रूप में हुई है। दोनों राजस्थान के झालावाड़ जिले के रहने वाले हैं। प्रारंभिक पूछताछ में उन्होंने स्वीकार किया कि वे गांजा उड़ीसा से लाकर कोटा (राजस्थान) ले जा रहे थे। तस्करी के लिए उन्होंने ट्रक में विशेष चैंबर बनवाया था ताकि सामग्री को छिपाया जा सके और पुलिस की नजरों से बचा जा सके।

पुलिस टीम की सतर्कता ने बचाई बड़ी अनहोनी

इस ऑपरेशन में निरीक्षक उमाशंकर राठौर, सउनि बीरबल साहू, आरक्षक इरफान खान, आंसू तिवारी, पप्पू पनागर, सुनील मेरावी, अजय चंद्रवंशी, सुभाष नौरंगे, और हरजेंद्र रात्रे की सक्रिय भागीदारी रही। उनकी सतर्कता और अनुभव ने एक बड़ी तस्करी को रोकने में अहम भूमिका निभाई।

गांव-गांव फैल रहा नशे का जाल

यह घटना इस बात का संकेत है कि किस तरह अब तस्कर फिल्मी स्टाइल अपनाकर पुलिस को चकमा देने की कोशिश कर रहे हैं। गांजा जैसी मादक चीजों का कारोबार अब सिर्फ सीमित इलाकों तक नहीं रहा, बल्कि इसका नेटवर्क राज्य और देश की सीमाओं से परे फैल चुका है

अगर पुलिस समय रहते न पकड़े, तो ये नशा युवाओं की जिंदगी बर्बाद कर सकता है। यह कोई पहला मामला नहीं है जब गुप्त चैंबर या विशेष तरीके अपनाकर मादक पदार्थों की तस्करी की गई हो। ऐसे में पुलिस की सजगता और आम लोगों का सहयोग बेहद ज़रूरी हो गया है।

ज़ीरो टॉलरेंस नीति पर सख्त अमल

पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह ने टीम की प्रशंसा करते हुए कहा कि जिले में नशे के खिलाफ ज़ीरो टॉलरेंस नीति पर सख्ती से अमल हो रहा है। उन्होंने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें। यह सहयोग समाज को नशे से मुक्त करने में बेहद प्रभावी हो सकता है।

सिर्फ कार्रवाई नहीं, जागरूकता भी ज़रूरी

सिर्फ तस्करों को पकड़ना ही समाधान नहीं है, बल्कि ज़रूरी है कि जनता को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया जाए। स्कूलों, कॉलेजों और गाँवों में अभियान चलाकर लोगों को यह बताया जाना चाहिए कि नशा न केवल सेहत के लिए हानिकारक है, बल्कि यह सामाजिक और आर्थिक स्थिति को भी बर्बाद कर देता है।

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