भारतीय गेमिंग कम्युनिटी के लिए यह एक और बड़ा झटका है। PUBG (PlayerUnknown’s Battlegrounds) को एक बार फिर भारत में बैन कर दिया गया है। यह फैसला राष्ट्रीय सुरक्षा, डाटा प्राइवेसी और युवाओं पर इसके नकारात्मक प्रभावों को देखते हुए लिया गया है। गेम के प्ले स्टोर और ऐप स्टोर से गायब होने के बाद से लाखों यूजर्स में चिंता और नाराज़गी देखने को मिल रही है।
बैन का बैकग्राउंड
PUBG को इससे पहले सितंबर 2020 में बैन किया गया था जब भारत-चीन के बीच सीमा विवाद और डेटा सुरक्षा को लेकर सवाल उठे थे। इसके बाद Krafton ने इसे Battlegrounds Mobile India (BGMI) के नाम से दोबारा लॉन्च किया, जिसमें डेटा सर्वर भारत में शिफ्ट कर दिए गए थे और गवर्नमेंट की गाइडलाइन्स को फॉलो करने की बात कही गई थी।
लेकिन अब खबरें आ रही हैं कि PUBG/BGMI के पीछे अब भी Tencent की अप्रत्यक्ष भूमिका हो सकती है, जिससे सरकार की चिंता फिर बढ़ गई।
इस बार PUBG क्यों बैन हुआ?
सरकार द्वारा उठाए गए मुख्य कारण:
- राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा: गेम द्वारा विदेशी सर्वरों पर अनधिकृत डेटा ट्रांसफर की आशंका
- लत की समस्या: बच्चों में पढ़ाई से ध्यान भटकने और स्क्रीन एडिक्शन की बढ़ती शिकायतें
- मेंटल हेल्थ रिस्क: टीनएजर्स में गुस्सा, हिंसा और डिप्रेशन जैसे लक्षण देखे गए
- इन-ऐप खर्च: बच्चों द्वारा माता-पिता की जानकारी के बिना हजारों रुपये खर्च कर देना
सरकार का रुख
हालांकि अब तक Ministry of Electronics and Information Technology (MeitY) की तरफ से कोई औपचारिक अधिसूचना जारी नहीं की गई है, लेकिन विश्वसनीय सूत्रों का कहना है कि PUBG/BGMI को भारत में फिर से बैन किया गया है। गेम को प्ले स्टोर और ऐप स्टोर से हटा दिया गया है और इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर्स को भी सर्वर एक्सेस ब्लॉक करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्लेयर्स और गेमिंग कम्युनिटी का रिएक्शन
PUBG बैन होने की खबर से गेमर्स, स्ट्रीमर्स और ई-स्पोर्ट्स ऑर्गनाइजेशन में हलचल मच गई है।
- यूजर्स जो इस गेम में समय और पैसा दोनों इन्वेस्ट कर चुके हैं, अब खुद को ठगा सा महसूस कर रहे हैं।
- Esports tournaments जो PUBG/BGMI पर आधारित थे, अब अधर में लटक गए हैं।
- कुछ खिलाड़ी उम्मीद कर रहे हैं कि ये बैन अस्थायी हो सकता है, जैसे पिछली बार हुआ था। वहीं कुछ ने Free Fire, Call of Duty Mobile या Apex Legends जैसे विकल्पों की ओर रुख कर लिया है।
आगे क्या हो सकता है?
संभावना है कि Krafton एक बार फिर भारत सरकार के साथ कानूनी या डिप्लोमैटिक बातचीत करके गेम को दोबारा वापस लाने की कोशिश करेगा।
- अगर कोई नया लोकल वर्जन पूरी तरह से भारतीय कानूनों के मुताबिक तैयार किया जाता है, तो PUBG की वापसी संभव है।
- तब तक के लिए गेमर्स को सलाह दी जाती है कि वे ऑफिशियल घोषणा का इंतजार करें और तब तक दूसरे गेमिंग ऑप्शन ट्राई करें।
निष्कर्ष
PUBG का दोबारा बैन होना यह दिखाता है कि भारत में गेमिंग फ्रीडम और नेशनल पॉलिसी के बीच तनाव अब भी कायम है। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या यह बैन इस पॉपुलर गेम का अंतिम अध्याय साबित होगा या फिर एक और “कमबैक स्टोरी” की शुरुआत?
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